jaipur

एक कहानी, बस यूं ही (आखरी भाग)

Girl Walking Away

(Continued from here) स्थान- जयपुर, कॉफी शॉप, बैकग्राउंड में गीत किस मोड़ पर जाते हैं, कुछ सुस्त कदम रस्ते,कुछ तेज कदम राहें सुस्ती कदमों की हो तो उन्हें तेज़ किया जा सकता है पर जब राहें गुम सी लगने लगे तो क्या किया जाए तो उन राहों को गुलजार कर लिया जाए एक अच्छी कंपनी [Read more]

एक कहानी, बस यूं ही (भाग चार)

Coffee

(Continued from here) स्थान – उस लड़के का घर माँ की आवाज़ के साथ नींद खुली। आवाज़ नहीं फटकार। फटकार कि मैं फिर रात भर म्यूजिक सिस्टम ऑन करके सो गया। माँ बुदबुदा रही थी। बिजली का बिल इतना इतना आता है नवाब को चिंता नहीं। 5 साल हो गए टोकते टोकते। पहले तो कुछ [Read more]

एक कहानी, बस यूं ही (भाग तीन)

(Continued from here) स्थान – जयपुर, उस लड़की का घर, रात का वक्त। चियर्स चियर्स… मस्त पार्टी है यार। कब से इंतज़ार था इस पार्टी का। 5 साल हो गए यार तुझे इस शहर में आए, इस ऑफिस में काम करते। कंजूस कहीं की, अब दी है पार्टी, पता नहीं कहां खोई रहती है तू। [Read more]